पटना न्यूज डेस्क: पटना के निवासियों और गंगा प्रेमियों के लिए एक अच्छी खबर है। 'नमामि गंगे' परियोजना के तहत पटना सिटी के अजीमाबाद अंचल में तीन नए पक्के घाट बनकर तैयार हो गए हैं। ये घाट न केवल धार्मिक आस्था और छठ पूजा जैसे महापर्व के लिए सुविधाजनक साबित होंगे, बल्कि शहर की भागदौड़ से दूर सुकून तलाशने वालों के लिए एक बेहतरीन टूरिस्ट स्पॉट के रूप में भी उभर रहे हैं। अब स्थानीय लोगों को गंगा किनारे वक्त बिताने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
इन घाटों में भद्र घाट को सबसे भव्य रूप दिया गया है। यहाँ 4,000 वर्ग मीटर के दायरे में पक्का घाट बनाने के साथ-साथ 565 मीटर लंबा शानदार सैरगाह (प्रोमेनेड) भी तैयार किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहाँ आधुनिक चेंजिंग रूम, शौचालय और स्नानघर की व्यवस्था की गई है। भद्र घाट के अलावा महावीर घाट और नौजर घाट पर भी 30x20 मीटर आकार के दो-दो नए पक्के घाट बनाए गए हैं, जिससे अब यहाँ पहले जैसी गंदगी और मिट्टी की समस्या खत्म हो गई है।
कनेक्टिविटी के लिहाज से ये घाट बेहद सुलभ हो गए हैं। दीघा गोलंबर से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित इन घाटों तक अब जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) के जरिए कुछ ही मिनटों में पहुँचा जा सकता है। न्यू पटना के लोग भी इस सीधे मार्ग का उपयोग कर बिना किसी ट्रैफिक के पटना सिटी के इन खूबसूरत घाटों का आनंद ले सकते हैं। गंगा पथ से सीधी कनेक्टिविटी होने के कारण यहाँ शाम के समय सैलानियों की संख्या बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न होने के बाद अब इन घाटों को रखरखाव के लिए पटना नगर निगम को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सुबह की सैर हो या शाम की गंगा आरती, ये नए घाट पटना की सांस्कृतिक और सामाजिक सुंदरता में चार चांद लगाने के लिए तैयार हैं। प्रशासन का मानना है कि इन पक्के घाटों के बनने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि गंगा किनारे स्वच्छता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।