पटना न्यूज डेस्क: नीतीश कुमार के संभावित राज्यसभा जाने को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल इस मुद्दे पर एक साथ सहानुभूति और हमला दोनों की रणनीति अपनाए हुए है। पहले पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि वह दबाव बनाकर नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजना चाहती है, वहीं अब राजद ने भाजपा पर सीधे राजनीतिक प्रहार शुरू कर दिए हैं।
पटना की सड़कों पर राजद की ओर से लगाए गए नए पोस्टरों ने सियासी माहौल और गर्म कर दिया है। इन पोस्टरों में भाजपा को प्रतीकात्मक रूप से अजगर के रूप में दिखाया गया है, जो मुख्यमंत्री की कुर्सी की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। पोस्टर पर लिखा गया है—“ऐसा कोई सगा नहीं, जिसको भाजपा ने ठगा नहीं।” साथ ही राज्यसभा की कुर्सी और नीतीश कुमार की तस्वीर भी दिखाई गई है।
राजद नेताओं का आरोप है कि भाजपा अपने सहयोगियों को कमजोर करने की राजनीति करती रही है। उनका कहना है कि महाराष्ट्र में भी पहले उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन किया गया और बाद में उनकी पार्टी में टूट करा दी गई। इसी तरह बिहार में भी जनादेश नीतीश कुमार के नाम पर लिया गया, लेकिन अब उन्हें राज्यसभा भेजने की तैयारी की जा रही है।
राजद ने भाजपा को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि अगर हिम्मत है तो दोबारा चुनाव कराकर देख ले, तब साफ हो जाएगा कि जनता किसके साथ है। दूसरी ओर जदयू नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनने का सपना देखने का अधिकार है, लेकिन सपना देखना और हकीकत में उसे पूरा करना अलग बात है।