पटना न्यूज डेस्क: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत विशेष सतर्कता इकाई (SVU) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। नगर विकास और आवास विभाग के कार्यपालक अभियंता (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) राजीव कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज करते हुए शनिवार को उनके तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। राजीव कुमार पर अपनी वैध आय से लगभग 1.10 करोड़ रुपये अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है।
एसवीयू की टीम ने पटना और दानापुर के कुल तीन स्थानों पर दस्तक दी है। पहला छापा पटना के रामनगरी स्थित 'सुमित चंद्रम गृह अपार्टमेंट' के फ्लैट संख्या B-202 में मारा गया। इसके साथ ही, पंत भवन की छठी मंजिल पर स्थित उनके सरकारी कार्यालय की भी तलाशी ली जा रही है। तीसरा ठिकाना दानापुर के खगौल रोड स्थित 'वीनस लैंडमार्क गोल्ड अपार्टमेंट' का फ्लैट नंबर 807 है, जो राजीव कुमार के नाम पर दर्ज है।
दानापुर स्थित फ्लैट की छापेमारी के दौरान एक दिलचस्प तथ्य सामने आया। जब एसवीयू की टीम वहां पहुंची, तो पता चला कि वह फ्लैट फिलहाल बंद है और वहां एक सैन्य अधिकारी किराए पर रहते हैं। जांच टीम अब इस बात की तस्दीक कर रही है कि संबंधित सैन्य अधिकारी वहां कब से रह रहे हैं और किराए के लेनदेन का क्या रिकॉर्ड है। अधिकारी राजीव कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) 1988 के तहत मामला दर्ज कर दस्तावेजों को खंगालने में जुटे हैं।
एसवीयू के अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी अभी जारी है और बरामद दस्तावेजों व संपत्तियों के सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच के दौरान बैंक खातों, निवेश के कागजात और बेनामी संपत्तियों के खुलासे होने की पूरी संभावना है। इस कार्रवाई से विभाग के अन्य अधिकारियों के बीच भी हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी इस मुहिम में आने वाले दिनों में और भी कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।