पटना न्यूज डेस्क: रेलवे द्वारा यात्री किराए में बढ़ोतरी के ऐलान के बाद सियासत गरमा गई है। रविवार को घोषित इस फैसले के साथ ही यह साल 2025 में दूसरी बार है जब रेल यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ डाला गया है। किराया बढ़ने की खबर सामने आते ही कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे आम लोगों पर सीधा असर डालने वाला कदम बताया है।
कांग्रेस ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में रेलवे की स्थिति बिगड़ती जा रही है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि मोदी सरकार आम जनता से वसूली का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग रेल बजट खत्म होने के बाद रेलवे की जवाबदेही भी समाप्त हो गई है और बजट से ठीक पहले किराया बढ़ाना जनता के साथ अन्याय है।
रेलवे की नई व्यवस्था के अनुसार, 215 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने पर साधारण श्रेणी में प्रति किलोमीटर एक पैसे की बढ़ोतरी की गई है। वहीं मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की गैर-वातानुकूलित श्रेणी और सभी एसी कोचों में प्रति किलोमीटर दो पैसे अतिरिक्त चुकाने होंगे। रेलवे का कहना है कि नॉन-एसी कोच में 500 किलोमीटर से अधिक की यात्रा पर यात्रियों को अधिकतम 10 रुपये ही अतिरिक्त देने होंगे।
रेल मंत्रालय को उम्मीद है कि इस बढ़ोतरी से 31 मार्च 2026 तक करीब 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। मंत्रालय के मुताबिक, जुलाई 2025 में हुई पिछली किराया वृद्धि से अब तक लगभग 700 करोड़ रुपये की कमाई हो चुकी है। नए किराये का असर लंबी दूरी के रूट्स पर साफ दिखेगा, जहां एसी कोच में सफर करने वालों को 10 से 45 रुपये तक ज्यादा चुकाने पड़ सकते हैं।