पटना न्यूज डेस्क: बिहार में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। राजधानी पटना सहित दक्षिणी जिलों में चिलचिलाती धूप और नमी वाली हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, जिससे उमस भरी गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। इसके विपरीत, उत्तरी बिहार के हिस्सों में मौसम तुलनात्मक रूप से सामान्य और राहत भरा बना हुआ है। मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटों तक दक्षिण बिहार में उमस का यह दौर जारी रहने वाला है।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है। विशेष रूप से उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व क्षेत्रों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जहाँ आंधी और पानी के साथ वज्रपात का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण जैसे जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जो बदलते मौसम का संकेत दे रही हैं।
वर्तमान में पूर्वी बिहार के ऊपर एक चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके प्रभाव से 30 अप्रैल तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम अनिश्चित रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले तीन दिनों तक तापमान में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं होगा, लेकिन गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश का सिलसिला चलता रहेगा। हाल ही में नालंदा में 33 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि किशनगंज में हल्की वर्षा दर्ज की गई।
उमस भरी इस गर्मी के बीच बिजली गिरने और आंधी को लेकर प्रशासन ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषकर किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को मेघ गर्जन के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। हालांकि, छिटपुट बारिश से कुछ इलाकों में तापमान में आंशिक गिरावट की उम्मीद है, लेकिन दक्षिण बिहार के लोगों को उमस से पूरी तरह राहत मिलने में अभी थोड़ा वक्त लग सकता है।