पटना न्यूज डेस्क: होली से पहले बिहार में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ गया है। कौवों के बाद अब पटना के चितकोहरा स्थित कौशल नगर में बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पोल्ट्री अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र के मुर्गी फार्म में 6000 मुर्गियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने सभी संक्रमित मुर्गियों को दफना दिया है और पूरे इलाके को सेनिटाइज किया गया है। लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है तथा बिना मास्क मुर्गी फार्म क्षेत्र में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
पटना डीएम के आदेश पर नगर निगम क्षेत्र में मुर्गे और मुर्गियों को बाहर से लाने और बाहर ले जाने पर रोक लगा दी गई है। यह इलाका एयरपोर्ट के पास चितकोहरा पुल के नीचे स्थित है और आसपास घनी आबादी होने के कारण प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान की 6 सदस्यीय टीम जांच के लिए पहुंची है और वीवीआईपी इलाकों में भी सैनिटाइजेशन का काम शुरू कर दिया गया है।
संक्रमित क्षेत्र के एक किलोमीटर दायरे को इंफेक्शन जोन घोषित किया गया है, जबकि 9 किलोमीटर क्षेत्र को सर्विलांस एरिया बनाया गया है। इस दायरे में अंडा, मुर्गी और चारे के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। सेनिटाइजेशन प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही उपयोग की अनुमति होगी। कौशल नगर में चेक पोस्ट बनाया गया है और शास्त्रीनगर व बाइपास थाना पुलिस को निगरानी में लगाया गया है।
जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि मामले के सामने आते ही डेढ़ किलोमीटर के दायरे में सैनिटाइजेशन शुरू कर दिया गया है और इसके बाद सर्विलांस किया जाएगा। डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार वर्मा के अनुसार 15-15 दिनों के अंतराल पर करीब दो महीने तक पोस्ट ऑपरेशन सर्विलांस पीरियड (POSP) के तहत सैंपल की जांच होगी और रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही कंटेनमेंट जोन मुक्त घोषित किया जाएगा। स्टेट हेल्थ सोसाइटी की डॉ. रागनी मिश्रा ने बताया कि जिलों और मेडिकल कॉलेजों को एडवाइजरी जारी कर दी गई है तथा किसी भी आकस्मिक पक्षी मृत्यु की स्थिति में टीम पूरी तरह तैयार है।