पटना न्यूज डेस्क: पटना यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव को लेकर माहौल गरमा गया है। अध्यक्ष पद के लिए इस बार कुल 15 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। नामांकन सूची सार्वजनिक होते ही चुनावी प्रक्रिया के साथ-साथ उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
प्रारंभिक स्क्रूटनी के बाद जारी सूची में दो ऐसे उम्मीदवारों के नाम भी ‘Valid’ घोषित किए गए हैं, जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन दोनों प्रत्याशियों—संटू कुमार और रिंकल यादव—के खिलाफ हाल के वर्षों में संगीन आरोपों को लेकर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उनके नामांकन को वैध माना गया है।
संटू कुमार पर अक्टूबर 2025 में पटना कॉलेज की एक छात्रा ने यौन उत्पीड़न, पीछा करने और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसे आरोप लगाए थे। पीरबहोर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज है। छात्रा का आरोप है कि परिसर में उसके साथ अभद्रता की गई और विरोध करने पर गंभीर धमकियां दी गईं। साथ ही, फर्जी एआई वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की चेतावनी देने का भी आरोप लगाया गया है।
वहीं रिंकल यादव का नाम जून 2022 में कदमकुआं थाना क्षेत्र में हुई हिंसक घटना से जुड़ा है, जहां मामूली विवाद के बाद लस्सी दुकानदार और उसके बुजुर्ग पिता पर जानलेवा हमला किया गया था। इस मामले में आर्म्स एक्ट और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ था। 20 फरवरी 2026 को विश्वविद्यालय की ग्रीवांस रेड्रेसल सेल की बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया कि दोनों उम्मीदवार चुनाव मैदान में बने रहेंगे, जिससे कैंपस की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।