पटना न्यूज डेस्क: रविवार सुबह जेपी गंगा पथ पर पीएमसीएच के समीप पुलिस और एक कुख्यात अपराधी के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस टीम उसे पकड़ने पहुंची थी, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसके पैर में गोली मारकर उसे काबू में कर लिया। घायल हालत में उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान वैशाली जिले के हाजीपुर निवासी अमित कुमार के रूप में हुई है। उसके खिलाफ पटना और वैशाली में आर्म्स एक्ट व हत्या के प्रयास समेत चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। पीरबहोर थाने में उस पर पुलिस पर फायरिंग और आर्म्स एक्ट के तहत नया केस दर्ज किया गया है। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी में है।
जांच में खुलासा हुआ है कि अमित अपने साथियों पीयूष और पृथ्वी के साथ छह लाख रुपये की सुपारी लेकर दो शूटरों की हत्या की साजिश रच रहा था। जानकारी के मुताबिक 27 जनवरी को नीलेश मुखिया हत्या के आरोपी और सोना लूट गिरोह के शूटर ‘तात्या’ की पेशी के दौरान वारदात को अंजाम देने की योजना थी। इसके लिए 50 हजार रुपये एडवांस भी लिया गया था।
पुलिस के अनुसार, अमित लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी तलाश की जा रही थी। मुठभेड़ के बाद उसके पास से एक पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए हैं। एनडीए सरकार के गठन के बाद यह राज्य का 13वां और पटना में सातवां एनकाउंटर बताया जा रहा है।