पटना न्यूज डेस्क: बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात 12 बजे के करीब पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उनके पटना स्थित मंदिर वाले आवास पर पहुंची थी। इस दौरान सांसद के समर्थकों और पुलिस अधिकारियों के बीच जमकर नोकझोंक और बहस हुई। जब पुलिस सांसद को लेकर जा रही थी, तो समर्थकों ने नारेबाजी कर विरोध जताया।
जानकारी के अनुसार, सांसद की गिरफ्तारी किसी 35 साल पुराने मामले में उनकी बेल रद्द होने के बाद की गई। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि उन्हें न कोई सूचना दी गई, न कोई वारंट दिखाया गया। गिरफ्तारी के समय उन्होंने पुलिस से पूछा कि वारंट कहां है। पटना सिटी एसपी भानु प्रताप खुद गिरफ्तारी के लिए उनके आवास पर पहुंचे।
वीडियो में देखा गया कि पप्पू यादव ने पुलिसकर्मी से उनका नाम पूछा, जिसे इंस्पेक्टर दीपक बताया। इस दौरान समर्थकों और पुलिस के बीच बातचीत और बहस होती रही। सांसद ने कहा कि उन्हें डर था कि पुलिस का व्यवहार किसी तरह हिंसक न हो जाए। उन्होंने पिछले अनुभवों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि बार-बार उनके साथ क्यों ऐसा हो रहा है।
गिरफ्तारी के आदेश के पीछे अदालत ने तीन दिन पहले कुर्की जब्ती का आदेश जारी किया था। गिरफ्तारी के समय सांसद के समर्थक भी मौजूद थे और उन्होंने लगातार पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें वारंट दिखाते हुए कार्रवाई पूरी की।