पटना न्यूज डेस्क: राजस्थान के कोटा (Kota) के बाद अब बिहार में छात्राओं की संदिग्ध मौतों की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। हालिया मामला पटना (Patna) के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में जहानाबाद (Jehanabad) की नीट छात्रा की मौत का है, जिसकी जांच अब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (Central Bureau of Investigation – CBI) कर रही है।
जनवरी 2026 में पटना में ही एक अन्य 15 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत हुई, जबकि मधेपुरा (Madhepura) स्थित बी. पी. मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज (B. P. Mandal Engineering College) में एक छात्रा अपने कमरे में मृत मिली। इन मामलों में हत्या, आत्महत्या और मानसिक दबाव जैसे सभी पहलुओं से जांच जारी है।
वर्ष 2025 में नालंदा (Nalanda) और 2024 में सुपौल (Supaul) में भी छात्राओं की संदिग्ध मौत के मामले सामने आए थे। कुछ घटनाओं को आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिवारों ने कई जगह निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने छात्रावासों की सुरक्षा, पढ़ाई के दबाव और संभावित शोषण जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने निजी हॉस्टलों के सत्यापन और सुरक्षा ऑडिट की प्रक्रिया तेज करने की बात कही है।