पटना न्यूज डेस्क: पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। स्पॉट विजिट के बाद एजेंसी ने उन पुलिस अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर दी है, जो मामले की शुरुआती जांच में शामिल थे। सबसे पहले चित्रगुप्त नगर थाने की सब-इंस्पेक्टर रीना कुमारी को सीबीआई कार्यालय बुलाकर करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब शुरुआत से ही स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं।
रीना कुमारी उस समय चित्रगुप्त नगर थाने में सेकंड एसएचओ के पद पर तैनात थीं। तत्कालीन थाना प्रभारी रोशनी कुमारी के निलंबन के बाद जांच की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी। उन्होंने केस डायरी, मौके से मिले साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों की निगरानी की थी। सीबीआई ने उनसे घटना के दिन की परिस्थितियों, शुरुआती कार्रवाई और जांच को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी ली। एजेंसी यह समझना चाहती है कि जांच के दौरान कौन-कौन से अहम तथ्य सामने आए और क्या किसी स्तर पर चूक हुई।
सीबीआई अब पूरी जांच रिकॉर्ड को खंगाल रही है। इससे पहले पटना पुलिस और एसआईटी ने भी शुरुआती स्तर पर लापरवाही की बात स्वीकार की थी। ऐसे में एजेंसी यह पड़ताल कर रही है कि कहीं साक्ष्यों से छेड़छाड़ तो नहीं हुई या जांच को जानबूझकर भटकाने की कोशिश तो नहीं की गई। अगर किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ का दायरा आगे और बढ़ सकता है। कदमकुआं थाने की एसआई कोमल कुमारी समेत राघवेंद्र कुमार और विपुल कुमार जैसे अन्य पुलिसकर्मियों को भी अलग-अलग चरणों में तलब किया जा सकता है। सीबीआई की टीमें सभी बयानों का मिलान कर रही हैं, ताकि छात्रा की मौत की असली वजह और पुलिस जांच में रही कमियों को स्पष्ट किया जा सके। इस कार्रवाई से पटना पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।